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तुलसी के फायदे, उपयोग, नुकसान और आयुर्वेदिक गुण: रोज सेवन से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

Madhuraj Lodhi
लेखक: Madhuraj Lodhi
Verified Health Journalist | Founder – Healthfully India
✔ मेडिकल समीक्षा: Editorial Review Team
📅 अंतिम अपडेट: 09 May 2026
यह लेख प्रमाण-आधारित स्वास्थ्य जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से लिखा गया है। किसी भी उपचार, दवा या स्वास्थ्य निर्णय से पहले योग्य चिकित्सक से परामर्श अवश्य लें।

🌿 तुलसी के फायदे: रोज सेवन से इम्युनिटी, पाचन और तनाव पर क्या असर पड़ता है?

आयुर्वेद के अनुसार तुलसी में एंटीऑक्सीडेंट, एंटीबैक्टीरियल और इम्युनिटी बढ़ाने वाले गुण पाए जाते हैं। नियमित और सीमित मात्रा में सेवन शरीर को कई स्वास्थ्य लाभ दे सकता है, लेकिन अधिक सेवन कुछ लोगों में नुकसान भी पहुंचा सकता है।

⚡ रोज 4–5 तुलसी पत्तियां चबाने से शरीर को कई फायदे मिल सकते हैं — लेकिन सही मात्रा और सही समय जानना बेहद जरूरी है।

🌿 तुलसी के फायदे, सही उपयोग और नुकसान — रोज सेवन से शरीर पर क्या असर पड़ता है?

आयुर्वेद में तुलसी को औषधीय गुणों का खजाना माना जाता है। नियमित सेवन इम्युनिटी, पाचन और तनाव में मदद कर सकता है, लेकिन अधिक मात्रा या गलत तरीके से सेवन कुछ लोगों के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।

⚡ रोज सिर्फ 4–5 तुलसी पत्तियां शरीर पर सकारात्मक असर डाल सकती हैं — जानिए सेवन का सही तरीका और जरूरी सावधानियां।
तुलसी के फायदे और उपयोग से जुड़ी आयुर्वेदिक जानकारी, Tulsi benefits in Hindi, तुलसी चाय और इम्यूनिटी सपोर्ट

तुलसी के फायदे, सही उपयोग, नुकसान और आयुर्वेदिक गुण — जानें रोज तुलसी सेवन से इम्युनिटी, पाचन और स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है।

⚡ रोज सिर्फ 4–5 तुलसी पत्तियां शरीर की इम्युनिटी, पाचन और तनाव पर असर डाल सकती हैं — लेकिन गलत सेवन नुकसान भी दे सकता है।
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तुलसी के फायदे, उपयोग, नुकसान और आयुर्वेदिक गुण

🌿 सुबह-सुबह कई भारतीय घरों में एक दृश्य बेहद सामान्य है — आंगन में लगी Tulsi को जल चढ़ाना, कुछ पत्तियां तोड़ना और फिर उसे चाय, काढ़े या सीधे सेवन में उपयोग करना।

बरसात और मौसम बदलने के दिनों में दादी-नानी के घरेलू नुस्खों में तुलसी लगभग हमेशा शामिल रहती है। कोई गले की खराश में तुलसी-अदरक का काढ़ा पीता है, तो कोई इम्यूनिटी मजबूत रखने के लिए तुलसी चाय का सहारा लेता है।

🤔 लेकिन सबसे जरूरी सवाल यह हैं:

  • क्या तुलसी के फायदे वैज्ञानिक रूप से भी महत्वपूर्ण माने जाते हैं?
  • क्या रोज तुलसी खाना सुरक्षित है?
  • किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?
  • क्या तुलसी वास्तव में इम्यूनिटी सपोर्ट करने में मदद कर सकती है?

इस विस्तृत लेख में हम आयुर्वेद, आधुनिक रिसर्च, डॉक्टरों की राय और practical health perspective के आधार पर तुलसी को गहराई से समझेंगे।

महत्वपूर्ण: तुलसी एक पारंपरिक आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी है, लेकिन इसे किसी भी गंभीर बीमारी के इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

सुबह-सुबह कई भारतीय घरों में एक दृश्य बहुत सामान्य है — आंगन में लगी Tulsi को जल चढ़ाना, कुछ पत्तियां तोड़ना और फिर उसे चाय, काढ़े या सीधे सेवन में उपयोग करना।

तुलसी क्या है?

🌿 तुलसी भारत में सदियों से उपयोग की जाने वाली एक प्रसिद्ध औषधीय जड़ी-बूटी है। आयुर्वेद में इसे “Holy Basil” भी कहा जाता है।

मुख्य रूप से तीन प्रकार की तुलसी अधिक प्रसिद्ध मानी जाती हैं:

🌱 राम तुलसी

हल्के हरे रंग के पत्तों वाली तुलसी, जो घरेलू उपयोग में सबसे अधिक देखी जाती है।

🌿 श्याम तुलसी

गहरे रंग के पत्तों वाली तुलसी, जिसे कई लोग औषधीय दृष्टि से विशेष मानते हैं।

🍃 वन तुलसी

तेज सुगंध वाली तुलसी, जिसका उपयोग कई पारंपरिक आयुर्वेदिक उपायों में किया जाता है।

✨ आयुर्वेद में तुलसी की प्रमुख विशेषताएं

  • कफहर गुणों वाली मानी जाती है
  • जीवाणुरोधी गुणों के लिए प्रसिद्ध है
  • पाचन तंत्र को सहयोग देने वाली मानी जाती है
  • श्वसन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानी जाती है

🌿 तुलसी का आयुर्वेद में महत्व

आयुर्वेद के अनुसार तुलसी शरीर के कफ और वात दोष को संतुलित करने में सहायक मानी जाती है।

विशेषकर सर्दी-जुकाम, गले की खराश, भारीपन, अपच और मौसम बदलने से होने वाली समस्याओं में इसका पारंपरिक उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है।

✨ आयुर्वेद में तुलसी किन गुणों के लिए जानी जाती है?

  • कफहर गुणों वाली मानी जाती है
  • जीवाणुरोधी गुणों के लिए प्रसिद्ध है
  • पाचन तंत्र को सहयोग देने वाली मानी जाती है
  • श्वसन स्वास्थ्य के लिए उपयोगी मानी जाती है
  • मौसम बदलने के समय घरेलू उपयोग में लोकप्रिय है

ग्रामीण भारत में आज भी कई परिवार मौसम बदलते समय तुलसी का काढ़ा नियमित रूप से बनाते हैं।

🔬 तुलसी का वैज्ञानिक नाम और आधुनिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण

Tulsi का वैज्ञानिक नाम Ocimum sanctum या Ocimum tenuiflorum माना जाता है। International level पर इसे Holy Basil के नाम से भी जाना जाता है।

पिछले कुछ वर्षों में तुलसी पर आधुनिक वैज्ञानिक शोधों की रुचि लगातार बढ़ी है। इसकी प्रमुख वजह इसमें पाए जाने वाले प्राकृतिक bioactive compounds हैं, जिन्हें स्वास्थ्य के लिए संभावित रूप से लाभकारी माना जाता है।

🧪 तुलसी में पाए जाने वाले Active Compounds

तुलसी में कई प्राकृतिक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे आयुर्वेद और herbal wellness में विशेष महत्व देते हैं।

Compoundसंभावित भूमिका
EugenolAnti-inflammatory support
FlavonoidsAntioxidant support
PhytochemicalsCellular protection support
Rosmarinic AcidOxidative stress support
Essential OilsHerbal wellness support
महत्वपूर्ण: तुलसी को आयुर्वेद में लंबे समय से उपयोग किया जाता रहा है, लेकिन किसी भी गंभीर स्वास्थ्य समस्या में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।

तुलसी में पाए जाने वाले पोषक तत्व

🌿 तुलसी में पाए जाने वाले पोषक तत्व

तुलसी के पत्तों में कई प्राकृतिक सक्रिय तत्व पाए जाते हैं, जो इसे आयुर्वेद और herbal wellness में विशेष महत्व देते हैं।

✔ विटामिन A
✔ विटामिन C
✔ कैल्शियम
✔ आयरन
✔ एंटीऑक्सीडेंट्स
✔ Essential Oils
✔ Flavonoids

इन्हीं compounds की वजह से तुलसी को health-supportive herb माना जाता है।

✨ आयुर्वेद में तुलसी का उपयोग लंबे समय से wellness support और पारंपरिक घरेलू उपायों में किया जाता रहा है।

🌿 तुलसी के प्रमुख फायदे

1️⃣ इम्यूनिटी सपोर्ट करने में मदद

आज के समय में लोग सबसे ज्यादा तुलसी का उपयोग immunity support के लिए करते हैं। कुछ research observations के अनुसार तुलसी में मौजूद antioxidants शरीर की प्राकृतिक प्रतिरक्षा प्रणाली को support कर सकते हैं।

✨ Practical Example

  • तुलसी चाय
  • तुलसी-अदरक काढ़ा
  • तुलसी-शहद मिश्रण
⚠ हालांकि यह मेडिकल उपचार का विकल्प नहीं है।

2️⃣ सर्दी-जुकाम और खांसी में उपयोगी

तुलसी का सबसे लोकप्रिय घरेलू उपयोग श्वसन समस्याओं में देखा जाता है।

🌿 संभावित लाभ

  • गले को आराम
  • बलगम कम करने में सहायता
  • हल्की खांसी में राहत

☕ पारंपरिक घरेलू तरीका

तुलसी + अदरक + काली मिर्च का काढ़ा कई भारतीय घरों में उपयोग किया जाता है।

⚠ अगर तेज बुखार, सांस लेने में परेशानी या लगातार खांसी हो तो डॉक्टर से संपर्क करें।

3️⃣ तनाव और मानसिक थकान कम करने में सहायक

कुछ वैज्ञानिक अध्ययनों में तुलसी को Adaptogenic Herb बताया गया है। यानी यह शरीर को तनाव की स्थिति में बेहतर adapt करने में मदद कर सकती है।

🧘 लोग तुलसी चाय का उपयोग इन रूपों में करते हैं:

  • Evening relaxation drink
  • Caffeine alternative
  • Stress support beverage

4️⃣ पाचन तंत्र के लिए फायदेमंद

आयुर्वेद के अनुसार तुलसी गैस, अपच और भारीपन जैसी समस्याओं में सहायक मानी जाती है।

🌿 पारंपरिक उपयोग

कुछ लोग भोजन के बाद 2–3 तुलसी पत्तियां चबाते हैं।

5️⃣ तुलसी और Antioxidant Support

आज की lifestyle में प्रदूषण, तनाव, खराब खानपान और नींद की कमी शरीर में oxidative stress बढ़ा सकते हैं।

कुछ research-based observations के अनुसार तुलसी में मौजूद antioxidants शरीर को free radicals से होने वाले नुकसान से बचाने में supportive भूमिका निभा सकते हैं।

6️⃣ Seasonal Immunity Support में सहायक

मौसम बदलने के दौरान कई लोग immunity support के लिए तुलसी आधारित घरेलू पेय का उपयोग करते हैं।

☕ लोकप्रिय घरेलू उपयोग

  • तुलसी चाय
  • तुलसी-अदरक काढ़ा
  • तुलसी-शहद मिश्रण

इसी वजह से तुलसी Indian household wellness culture का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

7️⃣ मुंह की दुर्गंध कम करने में मदद

तुलसी के प्राकृतिक तत्व oral bacteria को कम करने में सहायक माने जाते हैं। इसलिए कई herbal mouth fresheners में भी तुलसी का उपयोग किया जाता है।

8️⃣ त्वचा के लिए उपयोगी

तुलसी में पाए जाने वाले antibacterial गुण त्वचा की देखभाल में सहायक हो सकते हैं।

🌿 उपयोग

  • तुलसी फेस पैक
  • तुलसी पानी
  • तुलसी पेस्ट
⚠ Sensitive skin वाले लोग patch test जरूर करें।

🌿 तुलसी का सही उपयोग कैसे करें?

तुलसी का उपयोग सही मात्रा और सही तरीके से करना अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। नीचे दिए गए तरीके सामान्य घरेलू उपयोग में लोकप्रिय हैं।

उपयोग तरीकाकब उपयोग करें
ताजी पत्तियांसुबह सीमित मात्रा में
तुलसी चायमौसम बदलने पर
तुलसी काढ़ासर्दी-जुकाम में
तुलसी अर्कविशेषज्ञ सलाह अनुसार
तुलसी पाउडरआयुर्वेदिक उपयोग में
⚠ जरूरत से ज्यादा सेवन करने से बचें और किसी बीमारी या दवा की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लें।

☕ तुलसी का काढ़ा कैसे बनाएं?

तुलसी का काढ़ा भारतीय घरों में मौसम बदलने और हल्की सर्दी-जुकाम के दौरान पारंपरिक रूप से उपयोग किया जाता रहा है।

🛒 सामग्री

  • 7–10 तुलसी पत्तियां
  • 1 कप पानी
  • थोड़ा अदरक
  • 2 काली मिर्च
  • शहद (वैकल्पिक)

👨‍🍳 बनाने की विधि

  • सबसे पहले पानी उबालें
  • तुलसी और अदरक डालें
  • 5–7 मिनट तक पकाएं
  • हल्का गुनगुना पीएं

🍵 तुलसी बनाम सामान्य Herbal Tea

तुलसी चाय और सामान्य herbal tea दोनों अलग-अलग उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाती हैं। नीचे इनके बीच सामान्य अंतर समझिए।

तुलसी चायसामान्य हर्बल चाय
आयुर्वेदिक उपयोग में लोकप्रियसामान्य wellness drink
तुलसी आधारित phytonutrientsअलग-अलग herbs आधारित
मौसम बदलने में उपयोगसामान्य refreshment
पारंपरिक घरेलू उपयोगlifestyle beverage

🌿 क्या रोज तुलसी खाना सही है?

Short Answer: सीमित मात्रा में अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए तुलसी का सेवन सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है।

⚠ किन बातों का ध्यान रखें?

  • जरूरत से ज्यादा सेवन न करें
  • खाली पेट अधिक मात्रा से बचें
  • अगर दवाएं चल रही हों तो विशेषज्ञ सलाह लें

⚖ मिथक बनाम तथ्य

तुलसी को लेकर इंटरनेट और सोशल मीडिया पर कई तरह की बातें कही जाती हैं। नीचे कुछ सामान्य मिथकों और उनकी वास्तविकता को समझिए।

मिथकवास्तविकता
तुलसी हर रोग ठीक कर देती हैयह supportive herb हो सकती है
ज्यादा तुलसी ज्यादा फायदा देती हैअत्यधिक सेवन नुकसान भी कर सकता है
तुलसी सभी के लिए समान रूप से सुरक्षित हैकुछ लोगों को सावधानी जरूरी है

👨‍⚕️ विशेषज्ञ क्या कहते हैं?

🩺 Doctors के अनुसार

कई डॉक्टर मानते हैं कि तुलसी में मौजूद phytochemicals और antioxidants सामान्य स्वास्थ्य को support कर सकते हैं। हालांकि गंभीर बीमारी में केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहना सही नहीं माना जाता।

🔬 Research Studies के अनुसार

कुछ अध्ययनों में तुलसी के antioxidant effects, stress response support और immune-supportive properties पर सकारात्मक observations देखे गए हैं। हालांकि अधिक बड़े clinical studies की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है।

🌍 WHO के अनुसार

World Health Organization traditional medicine और herbal practices की भूमिका को स्वीकार करता है, लेकिन safe और evidence-based use पर जोर देता है।

🌿 Ayurveda के अनुसार

  • कफहर
  • कृमिनाशक
  • दीपनीय
  • श्वसन सहयोगी

गुणों वाली जड़ी-बूटी माना गया है।

💡 Practical Health Advice

  • रोज 4–5 पत्तियां पर्याप्त मानी जाती हैं
  • बच्चों को सीमित मात्रा दें
  • तुलसी चाय को balanced diet का हिस्सा बनाएं
  • बीमारी बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें

⚠ तुलसी के संभावित नुकसान

हालांकि तुलसी प्राकृतिक जड़ी-बूटी है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन कुछ लोगों में समस्याएं पैदा कर सकता है।

🚨 संभावित दुष्प्रभाव

  • पेट में जलन
  • मतली
  • एलर्जी
  • ब्लड शुगर कम होना

🛑 किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए?

कुछ विशेष परिस्थितियों में तुलसी का सेवन सावधानी के साथ करना बेहतर माना जाता है।

⚠ विशेष सावधानी

  • गर्भवती महिलाएं
  • स्तनपान कराने वाली महिलाएं
  • डायबिटीज मरीज
  • Blood thinner लेने वाले लोग
  • लो ब्लड शुगर वाले व्यक्ति
💡 ऐसी स्थिति में डॉक्टर या qualified healthcare professional से सलाह लेना बेहतर होता है।

❌ तुलसी सेवन से जुड़ी आम गलतियां

  • हर बीमारी में जरूरत से ज्यादा सेवन
    Natural होने का मतलब यह नहीं कि unlimited मात्रा सुरक्षित है।
  • दवाओं का विकल्प मान लेना
    तुलसी supportive remedy हो सकती है, लेकिन prescribed treatment का replacement नहीं।
  • सोशल मीडिया सलाह पर अत्यधिक प्रयोग
    हर व्यक्ति की health condition अलग होती है।

📚 आयुर्वेद और हेल्थ रिसर्च की विश्वसनीय जानकारी यहां पढ़ें

अगर आप तुलसी, आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और प्राकृतिक स्वास्थ्य उपायों पर भरोसेमंद और रिसर्च आधारित जानकारी पढ़ना चाहते हैं, तो नीचे दिए गए official resources जरूर देखें।

🌍 World Health Organization (WHO) – वैश्विक स्वास्थ्य और पारंपरिक चिकित्सा जानकारी 🔬 NCCIH – हर्बल और प्राकृतिक उपचारों पर Research Based Information 📖 PubMed Research Database – तुलसी और आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों पर मेडिकल रिसर्च 🇮🇳 Ministry of AYUSH – आयुर्वेद और भारतीय पारंपरिक चिकित्सा की आधिकारिक जानकारी

Modern Medical Perspective

Modern healthcare experts सलाह देते हैं कि:
तुलसी को healthy lifestyle support के रूप में देखें
chronic disease में self-medication न करें
दवा चल रही हो तो doctor consultation लें

Practical Health Advice

रोज 4–5 पत्तियां पर्याप्त मानी जाती हैं
बच्चों को सीमित मात्रा दें
तुलसी चाय को balanced diet का हिस्सा बनाएं
बीमारी बढ़ने पर डॉक्टर से संपर्क करें

❓ अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रश्न: क्या रोज तुलसी खाना सुरक्षित है?
उत्तर: सीमित मात्रा में अधिकांश स्वस्थ लोगों के लिए तुलसी का सेवन सामान्यतः सुरक्षित माना जाता है। हालांकि अत्यधिक सेवन से बचना चाहिए।
प्रश्न: तुलसी गर्म होती है या ठंडी?
उत्तर: आयुर्वेद के अनुसार तुलसी को गर्म तासीर वाली जड़ी-बूटी माना जाता है।
प्रश्न: तुलसी कितनी मात्रा में लेनी चाहिए?
उत्तर: आमतौर पर 4 से 5 तुलसी पत्तियां प्रतिदिन पर्याप्त मानी जाती हैं। व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार मात्रा अलग हो सकती है।
प्रश्न: क्या डायबिटीज मरीज तुलसी ले सकते हैं?
उत्तर: कुछ लोग डायबिटीज में तुलसी का उपयोग करते हैं, लेकिन ब्लड शुगर दवाओं के साथ सावधानी जरूरी होती है। डॉक्टर की सलाह लेना उचित रहता है।
प्रश्न: तुलसी का काढ़ा कब पीना चाहिए?
उत्तर: हल्की सर्दी-जुकाम, गले की खराश या मौसम बदलने के दौरान लोग तुलसी का काढ़ा उपयोग करते हैं।
प्रश्न: तुलसी के मुख्य फायदे क्या हैं?
उत्तर: तुलसी को आयुर्वेद में इम्यूनिटी सपोर्ट, सर्दी-जुकाम में राहत, पाचन सहयोग और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के लिए उपयोगी माना जाता है।
प्रश्न: क्या खाली पेट तुलसी खाना सही है?
उत्तर: सीमित मात्रा में कई लोग सुबह तुलसी का सेवन करते हैं, लेकिन अत्यधिक मात्रा से बचना चाहिए।
प्रश्न: तुलसी की चाय के क्या फायदे हैं?
उत्तर: तुलसी की चाय को कई लोग मौसम बदलने, हल्के तनाव और सामान्य wellness support के लिए उपयोग करते हैं।

🌿 निष्कर्ष

Tulsi सिर्फ धार्मिक महत्व वाला पौधा नहीं, बल्कि आयुर्वेद में लंबे समय से उपयोग की जाने वाली महत्वपूर्ण औषधीय जड़ी-बूटी भी है।

इसके antioxidant, immune-supportive और respiratory-supportive गुण इसे भारतीय घरों में लोकप्रिय बनाते हैं। यही वजह है कि तुलसी आज भी traditional wellness culture का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती है।

हालांकि किसी भी प्राकृतिक औषधि की तरह इसका उपयोग भी संतुलन और समझदारी के साथ करना जरूरी है। सही मात्रा, सही उपयोग और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ सलाह लेना हमेशा बेहतर माना जाता है।

💡 याद रखें: तुलसी supportive wellness herb हो सकती है, लेकिन गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में डॉक्टर की सलाह और prescribed treatment को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सीमित मात्रा में तुलसी का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है, लेकिन किसी भी चीज की अधिकता नुकसान पहुंचा सकती है।

🌿 आयुर्वेद के साथ अन्य चिकित्सा पद्धतियों की जानकारी भी सम्पूर्ण स्वास्थ्य के लिए उपयोगी हो सकती है।

📚 कृपया इन्हें यह भी पढ़ें:

🔎 और स्वास्थ्य जानकारी पढ़ें:

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⚠️ महत्वपूर्ण आयुर्वेदिक चिकित्सा डिस्कलेमर:
इस लेख में दी गई जानकारी प्राचीन आयुर्वेदिक ग्रंथों, पारंपरिक ज्ञान, शैक्षिक शोध तथा सामान्य सूचना स्रोतों पर आधारित है। यह जानकारी किसी भी प्रकार से चिकित्सकीय परामर्श, पेशेवर चिकित्सा राय या उपचार का विकल्प नहीं है।

किसी भी औषधि, पंचकर्म, घरेलू नुस्खे या उपचार को अपनाने से पूर्व रोगी की प्रकृति, आयु, वर्तमान रोग-स्थिति तथा अन्य चल रहे उपचारों को ध्यान में रखते हुए पंजीकृत आयुर्वेदाचार्य या योग्य चिकित्सक से परामर्श करना अनिवार्य है।

यह जानकारी केवल सामान्य शैक्षिक एवं सूचना उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। स्वयं-उपचार या चिकित्सकीय निर्णय लेने की अनुशंसा नहीं की जाती।

Madhuraj Lodhi - Founder Healthfully India और Health Expert

Madhuraj Lodhi

Founder – Healthfully India | Former Editor – Health Times

✔ Verified Health Journalist

Madhuraj Lodhi एक अनुभवी Health Journalist हैं, जिन्हें हेल्थ जर्नलिज्म में 5+ वर्षों का अनुभव है।

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